पिंजौर/कालका | क्राईम आवाज इंडिया (सुनील दत्त)
Kalka Assembly Colonies कालका विधानसभा क्षेत्र में कॉलोनियों को नियमित (वैध) न किए जाने का मुद्दा अब तूल पकड़ने लगा है। कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जनता त्रस्त है और सरकार के ‘ट्रिपल इंजन’ के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।

बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग
Kalka Assembly Colonies प्रदीप चौधरी ने कहा कि कालका की अधिकांश कॉलोनियां आज भी अवैध श्रेणी में हैं। इसके कारण वहां रहने वाले लोगों को सड़क, सीवर, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।Kalka Assembly Colonies उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कॉलोनियां पक्की नहीं होंगी, तब तक न तो वहां विकास कार्य सही ढंग से हो पाएंगे और न ही निवासियों को बैंक लोन या प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की सुविधा मिलेगी।
धारा 7ए: छोटे प्लॉट मालिकों के लिए बनी मुसीबत
पूर्व विधायक ने विशेष रूप से धारा 7ए (Section 7A) Kalka Assembly Colonies का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस कानून ने आम आदमी और छोटे प्लॉट मालिकों को जाल में फंसा दिया है। crimeawaz.in
Kalka Assembly Colonies
- रजिस्ट्री में बाधा: लोग अपनी ही जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवा पा रहे हैं।
- निजी जरूरतें: बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी-ब्याह के लिए जमीन बेचना नामुमकिन सा हो गया है।
- जटिल प्रक्रिया: सरकार ने नियमों को इतना उलझा दिया है कि राहत के बजाय जनता दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
“यह बेहद चिंताजनक है कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार होने के बावजूद कालका की जनता मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।” – प्रदीप चौधरी
मंडियों की बदहाली और सफाई व्यवस्था पर सवाल
Kalka Assembly Colonies सिर्फ रिहायशी इलाके ही नहीं, बल्कि प्रदीप चौधरी ने किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा:

- धीमी लिफ्टिंग: अनाज मंडियों में गेहूं की लिफ्टिंग की रफ्तार बेहद सुस्त है, जिससे किसान परेशान हैं।
- बायोमेट्रिक का झंझट: बायोमेट्रिक सिस्टम के कारण किसान अनावश्यक कागजी और तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझे हुए हैं।
- सफाई व्यवस्था: कालका क्षेत्र में कूड़ा उठाने की व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लग रहे हैं।
सरकार से प्रमुख मांगें
पूर्व विधायक ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि:
- Kalka Assembly Colonies कालका की सभी लंबित कॉलोनियों को तुरंत वैध (Regularized) crimeawaz.in घोषित किया जाए।
- धारा 7ए के नियमों में ढील देकर रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।
- मंडियों में फसल उठान की गति बढ़ाई जाए और किसानों का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
