India US Free Trade Agreement
India US Free Trade Agreement : पांडिचेरी किसान जागृति यात्रा के तीसरे दिन आज पांडिचेरी में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री एन. रंगासामी जी से मुलाकात कर अपना मांगपत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि 21 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पांडिचेरी आगमन पर वे स्वयं निजी तौर पर यह मांगपत्र प्रधानमंत्री जी को सौंपेंगे।

इसके उपरांत किसान नेताओं द्वारा पांडिचेरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया गया। बाद में तिरुपुरुर में किसान सभा का आयोजन किया गया तथा सड़क पर मार्च निकालकर भारत-अमेरिका के मध्य हुए मुक्त व्यापार समझौते का विरोध किया गया।
आज की गतिविधियों में मुख्य रूप से जगजीत सिंह डल्लेवाल (पंजाब), क़ुर्बुरु शांताकुमार (कर्नाटक), पी. आर. पांड्यंन एवं आदिमुलम (तमिलनाडु), पी. अय्यकन्नू (तमिलनाडु), पी. राजेंद्रन एवं सोमू पिल्लई (पांडिचेरी), वी. के. दुरिसामी एवं विजय प्रसाद (तिरुपुरुर), अभिमन्यु कोहाड़ एवं हर्षदीप गिल (हरियाणा), इंदरजीत पन्नीवाला एवं महावीर सहारण (राजस्थान), लीलाधर राजपुत एवं अरुण पटेल (मध्यप्रदेश), नितिन बाल्यान एवं शादाब चौधरी (उत्तर प्रदेश), हरसुलिन्दर सिंह एवं सोनू औलख (पंजाब), अरुण कुमार, गोविंद राजा एवं मणिकंतम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि बिजली की हाईटेंशन लाइनों के मुआवजे के लिए राष्ट्रीय नीति की घोषणा होनी चाहिए तथा किसानों को मार्किट वैल्यू से चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसान नेता पी. आर. पांड्यंन ने बताया कि कल सुबह सेलम जिले में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद यात्रा चामराजनगर से कर्नाटक में प्रवेश करेगी। किसान नेता क़ुर्बुरु शांताकुमार ने कहा कि बिजली एवं बीज बिल से जुड़े किसी भी किसान संबंधी निर्णय को किसानों की व्यापक सहमति के बिना नहीं लिया जाना चाहिए। किसान नेता पी. अय्यकन्नू ने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के तहत जी.एम. फसलें भारत में आएंगी, जो बहुत खतरनाक हैं और इससे खेती तथा लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, इसलिए इस मुक्त व्यापार समझौते का विरोध आवश्यक है।
हर्षदीप सिंह गिल
सचिव
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक)
नोट: पंजाबी की ब्रेकिंग खबरें पढ़ने के लिए आप हमारे CAi TV ਐਪ ਨੂੰ ਡਾਊਨਲੋਡ यदि आप वीडियो देखना चाहते हैं तो Crime Awaz India पर देख सकते हैं। ਦੇ YouTube चैनल को Subscribe कर लें।W/A Channel Follow करो Crime Awaz India सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, कू, शेयरचैट और डेलीहंट पर भी फॉलो कर सकते हैं।
