India Defense Pinaka Rocket Success
India Defense Pinaka Rocket Success : क्राइम आवाज़ इंडिया ब्यरो (नई दिल्ली ) 30 दिसंबर, 2025 -देश की रक्षा क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। सोमवार को भारत की पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (एलआरजीआर) का पहला उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया गया। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) में संपन्न हुआ।
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित यह उन्नत रॉकेट प्रणाली लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने में सक्षम है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, परीक्षण के दौरान रॉकेट ने सभी तकनीकी मापदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया और निर्धारित लक्ष्य क्षेत्र तक सटीक पहुंच बनाई।
पिनाका एलआरजीआर 120 पारंपरिक पिनाका मल्टी-बैरेल रॉकेट सिस्टम का उन्नत संस्करण है। इसमें अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम, बेहतर रेंज, उन्नत नेविगेशन तकनीक और अधिक सटीकता शामिल है। यह रॉकेट कठिन युद्ध परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन करने में सक्षम है और भारतीय सेना की आर्टिलरी क्षमता में बड़ा बदलाव ला सकता है।
परीक्षण की सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सभी संबंधित साझेदार संगठनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को नई ऊंचाइयों पर ले जाती है और देश की सामरिक शक्ति को और अधिक मजबूत बनाती है। रक्षा मंत्री ने इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक अहम कदम बताया और सशस्त्र बलों की मारक क्षमता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफल परीक्षण से भारतीय सेना को लंबी दूरी की सटीक हमलावर क्षमता प्राप्त होगी, जो सीमा सुरक्षा और रणभूमि की आवश्यकताओं के अनुरूप है। प्रणाली के पूर्ण विकास के बाद इसके सेना में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त होगा। परीक्षण के दौरान रेंज पर तैनात उन्नत ट्रैकिंग उपकरणों ने रॉकेट की पूरी उड़ान के दौरान उसकी ट्रैजेक्टरी की निगरानी की।
यह रॉकेट आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत का सहयोग रहा। परीक्षण को आईटीआर और प्रूफ एंड एक्सपेरिमेंटल एस्टैब्लिशमेंट द्वारा समन्वित किया गया।

विशेष रूप से इस परीक्षण में एलआरजीआर को सेना में मौजूद मानक पिनाका लॉन्चर से दागा गया, जिससे यह साबित हुआ कि एक ही लॉन्चर से विभिन्न रेंज वाले पिनाका रॉकेट लॉन्च किए जा सकते हैं।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने मिशन की सफलता पर सभी वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारतीय स्वदेशी रक्षा तकनीक की बड़ी उपलब्धि बताया। पिनाका एलआरजीआर 120 का यह सफल परीक्षण भारतीय थलसेना की आर्टिलरी क्षमता को नई मजबूती प्रदान करेगा और भविष्य के युद्ध परिदृश्यों में निर्णायक भूमिका निभाने में सहायक होगा।
नोट: पंजाबी की ब्रेकिंग खबरें पढ़ने के लिए आप हमारे CAi TV ਐਪ ਨੂੰ ਡਾਊਨਲੋਡ यदि आप वीडियो देखना चाहते हैं तो Crime Awaz India पर देख सकते हैं। ਦੇ YouTube चैनल को Subscribe कर लें।W/A Channel Follow करो Crime Awaz India सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, कू, शेयरचैट और डेलीहंट पर भी फॉलो कर सकते हैं।
