Himachal Pradesh fire news
Himachal Pradesh fire news : क्राइम आवाज़ इंडिया सोलन (हिमाचल प्रदेश) 12 जनवरी 2026-सोमवार तड़के सोलन जिले के अर्की स्थित पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में भीषण आग लगने से कम से कम एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि नेपाली मूल के प्रवासी मजदूरों समेत नौ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, आग सुबह करीब 2 से 2:30 बजे के बीच लगी और तेजी से आसपास की दुकानों व इमारतों में फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस, SDRF, होम गार्ड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

अर्की के तहसीलदार और स्थानीय राजस्व अधिकारी विपिन कुमार ने ANI को बताया Himachal Pradesh fire news हमें सुबह करीब 2:30 से 3 बजे के आसपास घटना की जानकारी मिली। आग में लगभग 10 से 15 दुकानें जल गईं। हमने तुरंत ही रात के समय SDRF, होम गार्ड और फायर सर्विस को तैनात किया। एक बच्चे को बचाया गया था लेकिन बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
उन्होंने कहा नौ लोग अभी भी फंसे हुए हैं, जो सभी नेपाली मूल के प्रवासी मजदूर हैं। अर्की में पूरी तरह से सुसज्जित फायर टेंडर यूनिट नहीं है, इसलिए बालूगंज, शिमला से फायर टेंडर को जल्द से जल्द भेजा गया। अंबुजा सीमेंट फैक्ट्री से भी फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और बड़ी मदद की।
जानकारी के अनुसार, लगभग 12 दुकानें प्रभावित हुई हैं। आग पर काबू पाने के लिए JCB मशीनों और कई SDRF टीमों को तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन दो से तीन इमारतों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित इमारतें ज्यादातर लकड़ी के गोदाम थीं, जिससे आग तेजी से फैली। करीब 11 से 12 दुकानें इसकी चपेट में आईं। लंबे समय तक आग लगे रहने के कारण JCB मशीनों को मलबा हटाने के लिए लाया गया है। जान-माल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

इस बीच, फायर अधिकारियों ने बताया कि सुबह तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था, हालांकि तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
स्थानीय फायर अधिकारी आर.के. शर्मा ने ANI को बताया लगभग 10 गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया गया और करीब छह फायर टेंडर तैनात किए गए। सुबह 6:30 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया। नेपाली मूल के नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक बच्चे को बचाया गया था लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई।
उन्होंने आगे कहा फंसे हुए नौ लोगों में पांच बच्चे और चार बड़े शामिल हैं। इनमें दो दंपति हैं। इमारत गिरने की स्थिति और आग की तीव्रता को देखते हुए बचने की उम्मीद कम है।
नेपाली प्रवासी मजदूर और फंसे हुए लोगों के रिश्तेदार मोहन लाल ने ANI को बताया हमें बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। मेरे बड़े भाई का चार लोगों का परिवार—पति, पत्नी और दो बच्चे—लापता हैं। मेरे भतीजे के परिवार के पांच अन्य लोग, जिनमें एक दंपति और तीन बच्चे शामिल हैं, भी लापता बताए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा घटना के समय मैं कमरे के अंदर नहीं था। एक पड़ोसी ने फोन कर आग की जानकारी दी। जब हम यहां पहुंचे, तब सुबह करीब 2:15 बजे आग फैल चुकी थी। हमें बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर फट गए होंगे। हमने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।”
बिहार के प्रवासी मजदूरों के एक अन्य रिश्तेदार भोला कुमार ने ANI को बताया, “हमारे परिवार के चार लोगों—पति, पत्नी और दो बच्चों—को शुरू में बचा लिया गया था। एक छोटे लड़के को बाहर निकाला गया था, लेकिन वह वापस सोने चला गया। जब मैं उसे अस्पताल ले गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी उम्र करीब छह साल थी।

आग से प्रभावित दुकानदारों में से एक ने बताया कि उनकी दुकान पूरी तरह से जल गई है और अंदर रखा सारा सामान नष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी दुकानें भी राख हो गई हैं। अभी भी नौ लोग लापता बताए जा रहे हैं। एक बच्चे का शव बरामद किया गया है, लेकिन मौत के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।
फिलहाल अधिकारी मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। आग लगने के कारणों की जांच जारी है।
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