क्राईम आवाज इंडिया/पिंजौर सुनील दत्त
विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी
(धोखाधड़ी) विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में पंचकूला पुलिस की एंटी इमीग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। थाना पिंजौर में दर्ज एक मामले में पुलिस ने पटियाला निवासी आरोपी गुरबिंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अपनी पहचान और रिश्तेदारी का फायदा उठाकर कनाडा भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का आरोप है।
इस संबंध में पंचकूला वासी महिला शिकायतकर्ता ने 18 अप्रैल 2024 को पुलिस उपायुक्त पंचकूला को शिकायत दी थी कि उसकी एक जानकार महिला ने अपनी बेटी के (धोखाधड़ी) माध्यम से उसे कनाडा भेजने का भरोसा दिलाया। जानकार ने बताया कि गुरबिंद्र सिंह का बेटा लवप्रीत सिंह कनाडा में रहता है और उसका वहां अपना काम है, जो वर्क परमिट दिलाकर उसे कनाडा बुला सकता है। (धोखाधड़ी) आरोप है कि इस भरोसे में आकर शिकायतकर्ता और उसके परिवार ने आरोपी पक्ष को 17 लाख रुपये विभिन्न किस्तों में ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत के अनुसार (धोखाधड़ी)
शिकायत के अनुसार 8 मई 2023 को आरोपी के बेटे लवप्रीत सिंह के कहने पर 7 लाख रुपये कनाडा स्थित बैंक के खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 22 मई 2023 को 1.50 लाख रुपये, 1 जून 2023 को 2.50 लाख रुपये और 3 जुलाई 2023 को 2 लाख रुपये उसी खाते में भेजे गए। इसके अतिरिक्त 20 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से एक अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करवाए गए। इतना ही नहीं, आरोपी के कहने पर 26 मई 2023 को शिकायतकर्ता के परिवार ने 4 लाख रुपये आरोपी गुरबिंद्र सिंह को सौंप दिए।
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को जो वर्क परमिट से संबंधित दस्तावेज भेजे थे, वे पूरी तरह फर्जी थे। इस संबंध में विदेश मंत्रालय के माध्यम से कनाडा के उच्चायोग से जांच करवाई गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि उक्त दस्तावेज कनाडा सरकार द्वारा जारी ही नहीं किए गए। इसके बाद मामले में आईपीसी की धारा 406, 420, 467, 468, 471, 120 B व इमीग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत पिंजौर थाना में मामला दर्ज किया गया था।
मामले में आगामी कार्रवाई करते हुए इंचार्ज इंस्पेक्टर योगविंद्र की अगवाई में जांच अधिकारी करनैल सिंह ने 12 मार्च 2026 को जिला पटियाला में दबिश देकर आरोपी गुरबिंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। 13 मार्च को कोर्ट में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने बेटे लवप्रीत सिंह के कहने पर शिकायतकर्ता के परिवार से 4 लाख रुपये नकद लिए थे। आरोपी के बयान के अनुसार यह राशि आगे उसके बेटे के परिचितों को दी गई थी। अब पुलिस आरोपी को साथ लेकर उन स्थानों की पहचान कराएगी जहां यह रकम दी गई थी, ताकि मामले में आगे की बरामदगी और जांच की जा सके।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने की आम नागरिकों से अपील
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि विदेश भेजने के नाम पर फ्रॉड करने वालों के खिलाफ पंचकूला पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि कई लोग विदेश जाने की जल्दबाजी में बिना सत्यापन के एजेंटों या परिचितों के झांसे में आ जाते हैं, जिससे वे आर्थिक ठगी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि विदेश भेजने का दावा करने वाले किसी भी एजेंट या व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता और लाइसेंस की पूरी जांच जरूर करें तथा किसी भी प्रकार के भुगतान से पहले आधिकारिक प्रक्रिया की पुष्टि कर लें।
डीसीपी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क करे, ताकि समय रहते कार्रवाई कर आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
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