पंजाब फेडरेशन ने गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत कैलेंडर जारी, 12 फरवरी हड़ताल का समर्थन

Muskaan gill
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Punjab Subordinate Services Federation

Punjab Subordinate Services Federation : जे के बत्ता न्यू-चंडीगढ़ क्राइम आवाज़-पंजाब सबोर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन (वैज्ञानिक) के महासचिव एन डी तिवाड़ी ने नयागांव कांसल में पत्रकारों को बताया कि फेडरेशन की राज्य स्तरीय बैठक सिटी पार्क, संगरूर में राज्य अध्यक्ष गगनदीप सिंह भुल्लर के नेतृत्व में हुई। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, महाराष्ट्र में होने वाले राष्ट्रीय सम्मेलन और संयुक्त मोर्चे के तहत कार्यक्रमों में फेडरेशन की भूमिका की समीक्षा और चर्चा की गई।

बैठक में साल 2026 के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की 350वीं शहादत वर्षगांठ को समर्पित कैलेंडर भी जारी किया गया। Punjab Subordinate Services Federation राज्य वित्त सचिव गुलजार खान ने कहा कि पंजाब में कर्मचारी और पेंशनभोगी लगातार संघर्ष के रास्ते पर हैं क्योंकि मान सरकार केंद्र की कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का पालन कर रही है। पंजाब में चारों लेबर कोड, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 और नई एजुकेशन पॉलिसी 2020 लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसान मारा जा रहा है और पंजाब सरकार कर्मचारियों के 16% डीऐ, पिछला बकाया, पुरानी पेंशन बहाली और बेरोजगारों के मामलों में असफल रही है।Punjab Subordinate Services Federation इसलिए पंजाब के कर्मचारियों को 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लेना चाहिए।

बैठक में ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉइज फेडरेशन के 10 पॉइंट प्रोग्राम पर चर्चा हुई और इसे पंजाब में लागू करने की योजना तैयार की गई। Punjab Subordinate Services Federation इस अवसर पर हरदीप कुमार, चरणजीत सिंह सिद्धू, गुरतेज सिंह छत्तयाना, भूपिंदर सिंह बहिया, गुरमीत सिंह खालसा, भरपूर सिंह छाजली, श्री निवास शर्मा सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।

बैठक में कहा गया कि फेडरेशन पीएफआरडीऐ बिल रद्द करे, पुरानी पेंशन स्कीम पूरी तरह लागू करे, सभी कैजुअल वर्कर, आउटसोर्सिंग, सोसाइटियों में काम करने वाले और डेली वेज वर्कर को स्थायी करे। पब्लिक सेक्टर का प्राइवेटाइजेशन बंद हो, पंजाब के कर्मचारियों के लिए सातवां पे कमीशन बनाया जाए, डी.डी. की ज़ब्त की गई किश्तों और बकाया का तुरंत पेमेंट किया जाए। यूनियन के डेमोक्रेटिक अधिकार सुनिश्चित हों और हर पांच साल में पे रिविज़न हो। संविधान का सेक्युलरिज़्म और राज्यों को अधिक अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हुई।

इस मौके पर संगरूर में जिला अध्यक्ष कार्यालय के सामने चल रहे संघर्ष कैंप में बेरोज़गारों ने पहुंचकर समर्थन किया। इस समय करमदीन, लखविंदर सिंह लाडी, पिरमल, अमन लंबी, मनीष कुमार बठिंडा, गुरविंदर सिंह, सुनील कुमार, परमजीत, राजदीप, दीपक कुमार रामपुरा, कुलदीप सिंह तलवंडी साबो, बाबू सिंह फरीदकोट, परमिंदर सिंह, अशोक कुमार सेरपुर, सुखपाल सिंह केवल सिंह, बिंदर पाल शर्मा फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के साथ बड़ी संख्या में वैज्ञानिक नेता मौजूद थे।

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