Indian politics news
Indian politics news : क्राइम आवाज़ इंडिया 07 Jan 2026 वाराणसी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ अमेरिका में सिखों को लेकर दिए गए बयान से जुड़ी पुनरीक्षण याचिका विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) की अदालत में फिर से प्रस्तुत की गई यह मामला पहले भी कई अदालती प्रक्रियाओं से गुजर चुका है, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय भी शामिल है।
अमेरिका यात्रा के दौरान भारत में रह रहे सिखों को लेकर दिए गए बयान के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल पुनरीक्षण याचिका बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में प्रस्तुत की गई राहुल गांधी के सांसद होने के कारण जिला जज संजीव शुक्ला ने इस मामले को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत में स्थानांतरित कर दिया। इससे पहले भी इस याचिका पर विशेष न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हो चुकी है।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका को मंजूर करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) नीरज कुमार त्रिपाठी को मामले की फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया था Indian politics news हालांकि, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुमार त्रिपाठी ने 17 अक्टूबर 2025 को प्रार्थना पत्र को पुनः निरस्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्र ने जिला जज की अदालत में पुनः पुनरीक्षण याचिका दायर की।

आशापुर (सारनाथ) निवासी पूर्व प्रधान नागेश्वर मिश्र ने सितंबर 2024 में अमेरिका में सिखों को लेकर दिए गए बयान के संदर्भ में अधिवक्ता अलख नारायण राय के माध्यम से 26 सितंबर को अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। Indian politics news अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) नीरज कुमार त्रिपाठी ने 28 नवंबर 2024 को इस प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। इसके बाद नागेश्वर मिश्र ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई के बाद 21 जुलाई 2025 को पुनरीक्षण याचिका को मंजूर किया और प्रार्थना पत्र पर फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया। इससे असंतुष्ट राहुल गांधी ने 26 अगस्त 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद 26 सितंबर 2025 को राहुल गांधी की याचिका को निरस्त कर दिया। इसके बाद इस लंबित प्रार्थना पत्र पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ (एमपी-एमएलए) की अदालत में फिर से सुनवाई हुई।

राहुल गांधी के खिलाफ यह मामला अब विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) की अदालत में फिर से सुना जाएगा, जो राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यह सुनवाई न केवल राहुल गांधी के लिए, बल्कि कांग्रेस पार्टी और उनके समर्थकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।
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