2025 notable personalities
2025 notable personalities : क्राइम आवाज़ इंडिया ब्यरो (चंडीगढ़) 28 Dec साल 2025 कई ऐसी शख्सियतों के नाम रहा, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में न केवल उपलब्धियां हासिल कीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा, चर्चा और बहस का केंद्र भी बनीं। न्यायपालिका से लेकर खेल, छात्र राजनीति, शिक्षा जगत, सियासत और पुलिस प्रशासन के इन चेहरों ने सुर्खियों में रहकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
ये वे चेहरे हैं जिनकी चर्चा सिर्फ उनके पद या उपलब्धियों तक सीमित नहीं रही। कोई गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचा तो कोई छात्र राजनीति से राष्ट्रीय मंच पर छा गया। इन शख्सियतों की खास बात यह रही कि इन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में सिर्फ मौजूदगी ही दर्ज नहीं कराई बल्कि असर भी छोड़ा।
न्यायपालिका में फैसलों की गूंज रही, छात्र राजनीति में जीत ने नई पीढ़ी की ताकत दिखाई, शिक्षा जगत में एक प्रोफेसर की गिरफ्तारी ने लोकतंत्र के मूल्यों पर सवाल खड़े किए, राजनीति में मुख्यमंत्री का बढ़ता कद और एक खिलाड़ी का खेल व सियासत के बीच संतुलन लगातार चर्चा में रहा। डीजीपी का कार्यकाल अपने बेबाक बयानों और सख्त कार्रवाइयों के कारण सुर्खियां बटोरता रहा।

नायब सिंह सैनी हर चुनाव में बढ़ता करिश्मा
पिछले साल मुख्यमंत्री बनने के बाद से नायब सिंह सैनी काफी चर्चा में हैं। 2025 notable personalities उनकी कार्यशैली के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कायल हैं। विधानसभा का सत्र हो या फिर कोई जनसभा हर जगह वे अपनी अभीष्ट छाप छोड़ते जा रहे हैं। देश के ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को अपना राजनीतिक गुरु मानने वाले नायब सिंह सैनी की दिल्ली व बिहार के विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका देखने को मिली। वे जिन विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करने गए उनमें से 90 फीसदी सीटें भाजपा की झोली में आईं। अब उनकी पहचान भाजपा के राष्ट्रीय नेता के तौर पर बनने लगी है।
राजनीति में उनके कौशल को देखते हुए पार्टी ने उन्हें पंजाब में भी जड़ें मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। नगर निगम चुनाव में भी उनका जादू चला और दस में से नौ महापौर सीटों पर कब्जा किया। हालांकि उन्हें मुख्यमंत्री बने डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है मगर वे अभी दिल्ली की छाया से बाहर नहीं निकल पाए हैं
खेल जारी है
पेरिस 2024 ओलंपिक के बाद कुश्ती से संन्यास का फैसला वापस लेकर विनेश फोगाट फिर से चर्चा में आ गई हैं। उनका लक्ष्य अब 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेल हैं। विनेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनका दिल अब भी खेल के लिए धड़कता है। इसी साल उनके घर में खुशियां भी आई हैं। उन्होंने बेटे को जन्म दिया।
अपने विधानसभा क्षेत्र के कई मुद्दों को विधानसभा में उठाने वाली विनेश के लिए उस समय स्थिति असहज हो गई जब उनके लापता होने के पोस्टर लग गए। कांग्रेस की बैठकों से उनकी दूरी भी चर्चा का विषय रहा। हुड्डा कैंप से दूरी की भी चर्चा आम है।
डीजीपी ओपी सिंह खाकी की कसरत
आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार के आत्महत्या करने के बाद हरियाणा पुलिस में हुए फेरबदल के बाद ओपी सिंह की ताजपोशी डीजीपी की कुर्सी पर हुई। ओपी सिंह अपने तीन महीने के कार्यकाल के दौरान सोशल मीडिया, टीवी चैनलों व अखबारों में खूब छाए रहे। थार और बुलेट चलाने वालों पर टिप्पणी कर कुछ लोगों की वाहवाही लूटी तो कुछ के निशाने पर आ गए। अपराधियों के खिलाफ उनका ऑपरेशन काफी चर्चा में रहा। उनके ऑपरेशन की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के अंदर भी चर्चा की।
फिटनेस पर उनके वीडियो व सोशल मीडिया पर अपराधियों के खिलाफ उनकी पोस्टें खूब वायरल हुईं। 2025 notable personalities इतना सब करने के बावजूद हरियाणा सरकार ने उन्हें एक्सटेंशन नहीं दिया। वे 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले हैं। ओपी सिंह मूलरूप से बिहार के जमुई जिले के रहने वाले हैं। व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो वे दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं।
जस्टिस सूर्यकांत न्याय का नया सूर्य
एक छोटे से गांव से निकलकर देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पहुंचना न केवल प्रेरणादायक है बल्कि यह भी बताता है कि कुछ ठान लिया तो उस मुकाम तक पहुंचना नामुकिन नहीं है। हिसार के छोटे से गांव पेटवाड़ में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त हुए। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हासिल की और हिसार की अदालत में प्रैक्टिस भी की। अपनी लगन और मेहनत से वे हाईकोर्ट पहुंचे और फिर सुप्रीम कोर्ट।

जस्टिस सूर्यकांत उन पीठ में शामिल रहे हैं जिन्होंने ऐसे महत्वपूर्ण फैसले दिए जो देश के लिए मिसाल बने। इनमें मुख्य रूप से राजद्रोह कानून (धारा 124A), पेगासस जासूसी मामला, बुलडोजर की कार्रवाई पर कानूनी प्रक्रिया, सुनवाई का अधिकार अनिवार्य करना और महिलाओं व बच्चों के अधिकार से संबंधित कई मामले हैं।
प्रोफेसर अली खान खुली बहस की खान
ऑपरेशन सिंदूर के बाद एक फेसबुक पोस्ट को लेकर अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद अचानक चर्चा में आ गए। 2025 notable personalities इस पोस्ट में उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी समेत दूसरी महिला अधिकारी की सराहना की मगर मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक तनाव जैसे मुद्दों पर भी टिप्पणी की थी। उनकी पोस्ट वायरल होते ही हरियाणा पुलिस ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद वे विश्व के देशी-विदेशी अखबारों की सुर्खियां बनते रहे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने बाद में उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। उनकी गिरफ्तारी के बाद देश में बोलने की आजादी व उनकी गिरफ्तारी को लेकर नई बहस छिड़ गई। कई प्रबुद्ध नागरिकों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रोफेसर खान ने ऐसा कुछ नहीं लिखा था जिससे उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
आर्यन मान युवा तुर्क
बहादुरगढ़ के रहने वाले आर्यन मान उस समय में चर्चा में आ गए जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उन्हें दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया। भाजपा छात्र विंग की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए उन्होंने छात्र संघ चुनाव में भारी मतों से जीत हासिल की और राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां भी बटोरीं। उनके पिता का शराब का बड़ा कारोबार है।
वह झज्जर के बेरी में स्थित शराब फैक्टरी एडीएस स्पिरिट प्राइवेट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक हैं। आर्यन के पिता 2 बार लोका कलां गांव के सरपंच रह चुके हैं। बताया जाता है कि आर्यन के दादा भी सत्रह खाप के प्रधान रह चुके हैं। उनके परिवार को हरियाणा की राजनीति में काफी सक्रिय माना जाता है।
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