युवती ने श्रीकृष्ण से रचाई शादी, रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई बारात

Nishi Kashyap
4 Min Read

यमुनानगर,11 मार्च 2026 आवाज इंडिया टुडे

युवती ने श्रीकृष्ण से रचाई शादी

भक्ति में इतनी ताकत होती है कि व्यक्ति अपने आराध्य को ही अपना सब कुछ मान ले लेता है। इतिहास में हमें मीरा बाई और उनकी कृष्ण भक्ति के कई किस्से सुनने को मिले हैं। लेकिन क्या आज के समय में भी कोई मीरा जैसी भक्ति कर सकती है? हरियाणा के यमुनानगर में हाल ही में ऐसा ही एक अद्भुत और भावुक दृश्य देखने को मिला। (शादी) यहाँ एक युवती ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना जीवनसाथी मानते हुए, पूरी वैदिक परंपरा के अनुसार उनसे विवाह किया। इस अनोखे विवाह में परिवारजन, रिश्तेदार और सैकड़ों स्थानीय लोग भी शामिल हुए और इस पल को अपनी आँखों से देखा।

यमुनानगर की रहने वाली इशिका बचपन से ही भगवान श्रीकृष्ण की भक्त बताई जा रही है। उसकी भक्ति इतनी गहरी हो गई कि उसने अपने जीवन को पूरी तरह ठाकुर जी को (शादी) समर्पित करने का फैसला किया और विधिवत उनसे विवाह करने का संकल्प लिया। इस अनोखे विवाह की तैयारियां तीन दिनों तक चलती रहीं। रविवार को हल्दी की रस्म निभाई गई, सोमवार को मेहंदी का कार्यक्रम हुआ और मंगलवार को पूरे वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ विवाह संपन्न कराया गया।

धूमधाम से निकाली गई बारात

प्रोफेसर कॉलोनी से ठाकुर जी की बारात धूमधाम से निकाली गई। बैंड-बाजों और नाच-गाने के बीच बाराती पैदल प्रोफेसर कॉलोनी से गोविंदपुरी तक पहुंचे और वहां से (शादी) गाड़ियों के जरिए हरबंसपुरा स्थित इशिका के घर पहुंचे। रास्ते में लोगों ने बारात पर फूल बरसाकर इस अनोखे विवाह का स्वागत किया।

विधि-विधान के साथ किया गया कन्यादान

इशिका के पिता राजेश कुमार और माता पूजा ने पूरे पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार कन्यादान किया। इसके बाद वैदिक मंत्रों के साथ इशिका और ठाकुर जी ने सात फेरे लिए। (शादी) विवाह के बाद विदाई की रस्म भी संपन्न हुई, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। इस खास मौके पर सर्व जागरूक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल और उनके पति विशाल ने ठाकुर जी के अभिभावक की भूमिका निभाई। समारोह में सैकड़ों रिश्तेदार, मित्र और शहरवासी शामिल हुए। वहीं, जिला पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल (शादी) अपनी धर्मपत्नी के साथ पहुंचे और नवविवाहिता इशिका को आशीर्वाद दिया।

“यह विवाह पूरी तरह वैदिक परंपरा के अनुसार संपन्न कराया गया है। ऐसे विवाह में कन्या अपना जीवन भगवान की भक्ति और सेवा को समर्पित कर देती है। इसे आध्यात्मिक मार्ग (शादी) और मोक्ष की दिशा में बढ़ने का एक माध्यम माना जाता है।” फिलहाल यमुनानगर में यह अनोखा विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे कलयुग में मीरा जैसी भक्ति का उदाहरण बता रहे हैं और जो लोग इस विवाह में शामिल हुए, वे खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं।

नोट: पंजाबी की ब्रेकिंग खबरें पढ़ने के लिए आप हमारे CAi TV ਐਪ ਨੂੰ ਡਾਊਨਲੋਡ यदि आप वीडियो देखना चाहते हैं तो Crime Awaz India पर देख सकते हैं। ਦੇ YouTube चैनल को Subscribe कर लें।W/A Channel Follow करो Crime Awaz India सभी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, कू, शेयरचैट और डेलीहंट पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *